Board Of School Education Haryana: बच्चे इस वर्ष परीक्षा दे पाएंगे या नहीं, 1032 स्कूल को नहीं मिली मान्यता

हरियाणा के स्थाई मान्यता प्राप्त और अनुमति प्राप्त निजी स्कूलों की कक्षा 9वी कक्षा दसवीं कक्षा ग्यारहवीं और कक्षा 12वीं में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या लगभग 60000 है। यह बच्चे इस वर्ष परीक्षा दे पाएंगे या नहीं इस पर एक असमंज स्थिति बनी हुई है। सरकार के द्वारा अभी तक इन बच्चों के भविष्य के तहत कोई फैसला नहीं लिया गया है।

हरियाणा के 60000 बच्चों का भविष्य बताओ पर लगा हुआ है जिनका कोई कसर भी नहीं है प्रदेश के अस्थाई और अनुमति प्राप्त करीब 1032 निजी स्कूल है। हालांकि यह स्कूल हर बार सरकार से एक्सटेंशन लेते आए हैं लेकिन सरकार के द्वारा इस वर्ष इन्हें एक्सटेंशन नहीं दी गई है।

28 जनवरी 2024 को फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने कहा है कि सरकार को जनहित और विद्यार्थियों के हित में इस वर्ष सभी बच्चों की नियमित परीक्षा दिलानी चाहिए। क्योंकि यह विद्यालय और नियमों का प्रश्न नहीं बल्कि बच्चों के भविष्य का प्रश्न है।

28 जनवरी 2024 को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ मुलाकात होने के बाद मुखिया यूनियन का कहना है कि इन स्कूल को आश्वासन राशि भरने के बाद 2 साल की एक्सटेंशन देने की बात कही गई थी। लेकिन विभाग की तरफ से इनको अभी तक एक्सटेंशन नहीं दी गई है।

हालांकि इस बार विभाग ने पत्र जारी किया है कि इन स्कूलों को आश्वासन राशि जमा करवाने के बाद 31 मार्च 2024 तक एक्सटेंशन देने की बात कही है जिस पर असमंजस बना हुआ है कि अगर इन स्कूलों को एक्सटेंशन नहीं मिली तो तकरीबन 60000 बच्चों का 1 वर्ष खराब हो जाएगा।

इन स्कूलों को परमिशन नहीं मिलने के कारण इन स्कूलों के बच्चों के परीक्षा फॉर्म अभी तक नहीं भरे गए हैं, जबकि बोर्ड के द्वारा अन्य स्कूलों के बच्चों के लिए परीक्षा तिथि घोषित कर दी गई है। बोर्ड विभाग द्वारा स्कूल की सूची न भेजने की बात कर रहा है। वहीं शिक्षा विभाग इसके पीछे स्कूलों द्वारा आश्वासन राशि न भरने का तर्क दे रहा है।

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